विपक्षी दलों के विधायकों की परेड, शरद पवार ने कहा- गोवा नहीं, महाराष्ट्र है; फ्लोर टेस्ट में 162 से ज्यादा एमएलए लाऊंगा

विजय तेंडुलकर के एक चर्चित नाटक का शीर्षक है- 'शांतता! कोर्ट चालू आहे' यानी शांत रहिए, अदालत की कार्यवाही जारी है। महाराष्ट्र में तीन दिन से जारी घटनाक्रम कुछ ऐसा है। देश की सर्वोच्च अदालत महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग पर मंगलवार सुबह 10:30 बजे फैसला सुनाएगी। इससे एक दिन पहले सोमवार को राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना ने मुंबई के होटल ग्रैंड हयात में शक्ति प्रदर्शन किया। इसमें 162 विधायकों के बीच राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, छगन भुजबल, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, बेटे आदित्य ठाकरे, कांग्रेस नेता अशोक चह्वाण, मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता मौजूद थे। इस दौरान शरद पवार ने चुनौतीभरे लहजे में कहा कि यह गोवा-मणिपुर नहीं, महाराष्ट्र है... फ्लोर टेस्ट के दिन मैं 162 से ज्यादा विधायक लेकर आऊंगा। इससे पहले उद्धव ने कहा कि हम सिर्फ 5 साल के लिए सरकार में नहीं आ रहे, 25-30 साल के लिए आ रहे हैं। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल चाहें तो यहां आकर 162 विधायकों को देख लें। 


उधर भाजपा के खेमे में शांति है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अफसरों के साथ पहली बैठक ली, पर इसमें डिप्टी सीएम अजित पवार नजर नहीं आए। देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के शनिवार अलसुबह गुपचुप शपथ ग्रहण के खिलाफ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस मिलकर शनिवार रात तक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। संसद में भी इस मुद्दे पर खूब हंगामा होता रहा।